Saturday, March 5, 2011

SWAGAT

मित्रों,
       आप जैसे विद्वान मित्रों से सुसंवाद स्थापित करने की प्रबल इच्छा से आज यह ब्लॉग शुरू
कर रहा हूँ| समय समय पर आपसे इस माध्यम से मिलता रहूँगा|  मेरा प्रयाग से मुंबई तक का
सफ़र आप सब के सामने है| फिर भी कुछ न कुछ अनकही बातें हृदय में  बंद रहती हैं,  इस
ब्लॉग के माध्यम वही भावनाएं आप तक पहुंचा सकूँ तो अपने आप को धन्य समझूंगा|
आपका अपना,
       राज  

1 comment:

  1. बहुत अच्छे चाचाजी| यह बहुत अच्छा माध्यम है आजकल के परिवेश में दुनिया से जुड़ने का, जब आपके बहुत से अपने और चाहने वाले, जीवन की उधेड़-बुन में आपसे भौतिक रूप से दूर हो गए हैं, यद्यपि मानसिक एवं हार्दिक रूप से सदैव आपके पास है| मैं लगातार इस ब्लॉग को Follow करूँगा| आपका ,
    आशीष |
    www.ashishtripathi.com

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